चौघड़िया — 12 मई 2044, दिल्ली
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| शुभ | 05:32 AM – 07:13 AM |
| रोग | 07:13 AM – 08:54 AM |
| उद्वेग | 08:54 AM – 10:36 AM |
| चर | 10:36 AM – 12:17 PM |
| लाभ | 12:17 PM – 01:59 PM |
| अमृत | 01:59 PM – 03:40 PM |
| काल | 03:40 PM – 05:22 PM |
| शुभ | 05:22 PM – 07:03 PM |
रात का चौघड़िया
| अमृत | 07:03 PM – 08:21 PM |
| चर | 08:21 PM – 09:40 PM |
| रोग | 09:40 PM – 10:58 PM |
| काल | 10:58 PM – 12:17 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 12:17 AM (अगले दिन) – 01:35 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 01:35 AM (अगले दिन) – 02:54 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 02:54 AM (अगले दिन) – 04:12 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 04:12 AM (अगले दिन) – 05:31 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 05:47 AM, फिर प्रतिपदा |
| नक्षत्र | विशाखा — समाप्त 05:22 PM, फिर अनुराधा |
| योग | वरीयान — समाप्त 03:03 PM, फिर परिघ |
| करण | बव — समाप्त 05:47 AM, फिर बालव |
| वार | गुरुवार |
सूर्योदय05:32 AM
सूर्यास्त07:03 PM
चंद्र राशितुला
सूर्य राशिमेष
मास (पूर्णिमांत)वैशाख
मास (अमांत)वैशाख
विक्रम संवत2101
शक संवत1966
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 AM – 12:44 PM |
| राहु काल | 01:59 PM – 03:40 PM |
| यमगंड | 05:32 AM – 07:13 AM |
| गुलिक काल | 08:54 AM – 10:36 AM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
आने वाले व्रत
| 12 मई | पूर्णिमा |
| 23 मई | एकादशी (कृष्ण) |
| 27 मई | अमावस्या |
| 6 जून | एकादशी (शुक्ल) |
| 10 जून | पूर्णिमा |
| 22 जून | एकादशी (कृष्ण) |
| 25 जून | अमावस्या |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.