चौघड़िया — 4 मार्च 2042, दिल्ली

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

रोग06:43 AM – 08:10 AM
उद्वेग08:10 AM – 09:38 AM
चर09:38 AM – 11:05 AM
लाभ11:05 AM – 12:33 PM
अमृत12:33 PM – 02:00 PM
काल02:00 PM – 03:28 PM
शुभ03:28 PM – 04:55 PM
रोग04:55 PM – 06:22 PM

रात का चौघड़िया

काल06:22 PM – 07:55 PM
लाभ07:55 PM – 09:27 PM
उद्वेग09:27 PM – 11:00 PM
शुभ11:00 PM – 12:32 AM (अगले दिन)
अमृत12:32 AM (अगले दिन) – 02:04 AM (अगले दिन)
चर02:04 AM (अगले दिन) – 03:37 AM (अगले दिन)
रोग03:37 AM (अगले दिन) – 05:09 AM (अगले दिन)
काल05:09 AM (अगले दिन) – 06:42 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

पंचांग के पाँच अंग

तिथित्रयोदशी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 09:11 PM, फिर चतुर्दशी
नक्षत्रआश्लेषा — समाप्त 05:38 AM (अगले दिन), फिर मघा
योगअतिगण्ड — समाप्त 05:26 AM (अगले दिन), फिर सुकर्मा
करणकौलव — समाप्त 08:15 AM, फिर तैतिल
वारमंगलवार
सूर्योदय06:43 AM
सूर्यास्त06:22 PM
चंद्र राशिकर्क
सूर्य राशिकुंभ
मास (पूर्णिमांत)फाल्गुन
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2098
शक संवत1963

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:09 PM – 12:56 PM
राहु काल03:28 PM – 04:55 PM
यमगंड09:38 AM – 11:05 AM
गुलिक काल12:33 PM – 02:00 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

आने वाले व्रत

6 मार्चपूर्णिमा
18 मार्चएकादशी (कृष्ण)
21 मार्चअमावस्या
1 अप्रैएकादशी (शुक्ल)
5 अप्रैपूर्णिमा
16 अप्रैएकादशी (कृष्ण)

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.