चौघड़िया — 21 मई 2040, दिल्ली
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| अमृत | 05:27 AM – 07:09 AM |
| काल | 07:09 AM – 08:52 AM |
| शुभ | 08:52 AM – 10:35 AM |
| रोग | 10:35 AM – 12:18 PM |
| उद्वेग | 12:18 PM – 02:00 PM |
| चर | 02:00 PM – 03:43 PM |
| लाभ | 03:43 PM – 05:26 PM |
| अमृत | 05:26 PM – 07:08 PM |
रात का चौघड़िया
| चर | 07:08 PM – 08:26 PM |
| रोग | 08:26 PM – 09:43 PM |
| काल | 09:43 PM – 11:00 PM |
| लाभ | 11:00 PM – 12:17 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 12:17 AM (अगले दिन) – 01:35 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 01:35 AM (अगले दिन) – 02:52 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 02:52 AM (अगले दिन) – 04:09 AM (अगले दिन) |
| चर | 04:09 AM (अगले दिन) – 05:26 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | दशमी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 02:28 AM (अगले दिन), फिर एकादशी |
| नक्षत्र | पूर्व फाल्गुनी — समाप्त 07:14 AM, फिर उत्तर फाल्गुनी |
| योग | हर्षण — समाप्त 01:49 PM, फिर वज्र |
| करण | तैतिल — समाप्त 02:27 PM, फिर गर |
| वार | सोमवार |
सूर्योदय05:27 AM
सूर्यास्त07:08 PM
चंद्र राशिसिंह
सूर्य राशिवृषभ
मास (पूर्णिमांत)वैशाख
मास (अमांत)वैशाख
विक्रम संवत2097
शक संवत1962
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 AM – 12:45 PM |
| राहु काल | 07:09 AM – 08:52 AM |
| यमगंड | 10:35 AM – 12:18 PM |
| गुलिक काल | 02:00 PM – 03:43 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
आने वाले व्रत
| 22 मई | एकादशी (शुक्ल) |
| 26 मई | पूर्णिमा |
| 5 जून | एकादशी (कृष्ण) |
| 9 जून | अमावस्या |
| 21 जून | एकादशी (शुक्ल) |
| 24 जून | पूर्णिमा |
| 4 जुल | एकादशी (कृष्ण) |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.