चौघड़िया — 18 मई 2032, दिल्ली

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

रोग05:28 AM – 07:10 AM
उद्वेग07:10 AM – 08:53 AM
चर08:53 AM – 10:35 AM
लाभ10:35 AM – 12:17 PM
अमृत12:17 PM – 02:00 PM
काल02:00 PM – 03:42 PM
शुभ03:42 PM – 05:24 PM
रोग05:24 PM – 07:06 PM

रात का चौघड़िया

काल07:06 PM – 08:24 PM
लाभ08:24 PM – 09:42 PM
उद्वेग09:42 PM – 10:59 PM
शुभ10:59 PM – 12:17 AM (अगले दिन)
अमृत12:17 AM (अगले दिन) – 01:35 AM (अगले दिन)
चर01:35 AM (अगले दिन) – 02:52 AM (अगले दिन)
रोग02:52 AM (अगले दिन) – 04:10 AM (अगले दिन)
काल04:10 AM (अगले दिन) – 05:28 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिनवमी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 06:35 AM (अगले दिन), फिर दशमी
नक्षत्रमघा — समाप्त 12:34 PM, फिर पूर्व फाल्गुनी
योगव्याघात — समाप्त 12:27 AM (अगले दिन), फिर हर्षण
करणबालव — समाप्त 05:32 PM, फिर कौलव
वारमंगलवार
सूर्योदय05:28 AM
सूर्यास्त07:06 PM
चंद्र राशिसिंह
सूर्य राशिवृषभ
मास (पूर्णिमांत)वैशाख
मास (अमांत)वैशाख
विक्रम संवत2089
शक संवत1954

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:50 AM – 12:45 PM
राहु काल03:42 PM – 05:24 PM
यमगंड08:53 AM – 10:35 AM
गुलिक काल12:17 PM – 02:00 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

आने वाले व्रत

21 मईएकादशी (शुक्ल)
25 मईपूर्णिमा
4 जूनएकादशी (कृष्ण)
8 जूनअमावस्या
19 जूनएकादशी (शुक्ल)
23 जूनपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.