चौघड़िया — 8 अक्टूबर 2027, दिल्ली
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| चर | 06:17 AM – 07:45 AM |
| लाभ | 07:45 AM – 09:13 AM |
| अमृत | 09:13 AM – 10:40 AM |
| काल | 10:40 AM – 12:08 PM |
| शुभ | 12:08 PM – 01:36 PM |
| रोग | 01:36 PM – 03:04 PM |
| उद्वेग | 03:04 PM – 04:31 PM |
| चर | 04:31 PM – 05:59 PM |
रात का चौघड़िया
| रोग | 05:59 PM – 07:31 PM |
| काल | 07:31 PM – 09:04 PM |
| लाभ | 09:04 PM – 10:36 PM |
| उद्वेग | 10:36 PM – 12:08 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 12:08 AM (अगले दिन) – 01:41 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 01:41 AM (अगले दिन) – 03:13 AM (अगले दिन) |
| चर | 03:13 AM (अगले दिन) – 04:45 AM (अगले दिन) |
| रोग | 04:45 AM (अगले दिन) – 06:18 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | अष्टमी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 06:28 AM, फिर नवमी |
| नक्षत्र | पूर्वाषाढ़ा — समाप्त 07:14 AM, फिर उत्तराषाढ़ा |
| योग | अतिगण्ड — समाप्त 12:51 PM, फिर सुकर्मा |
| करण | बव — समाप्त 06:28 AM, फिर बालव |
| वार | शुक्रवार |
सूर्योदय06:17 AM
सूर्यास्त05:59 PM
चंद्र राशिधनु
सूर्य राशिकन्या
मास (पूर्णिमांत)आश्विन
मास (अमांत)आश्विन
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:45 AM – 12:32 PM |
| राहु काल | 10:40 AM – 12:08 PM |
| यमगंड | 03:04 PM – 04:31 PM |
| गुलिक काल | 07:45 AM – 09:13 AM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
आने वाले व्रत
| 11 अक्टू | एकादशी (शुक्ल) |
| 15 अक्टू | पूर्णिमा |
| 25 अक्टू | एकादशी (कृष्ण) |
| 29 अक्टू | अमावस्या |
| 10 नव | एकादशी (शुक्ल) |
| 14 नव | पूर्णिमा |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.