चौघड़िया — 16 जून 2027, दिल्ली
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| लाभ | 05:23 AM – 07:07 AM |
| अमृत | 07:07 AM – 08:52 AM |
| काल | 08:52 AM – 10:37 AM |
| शुभ | 10:37 AM – 12:21 PM |
| रोग | 12:21 PM – 02:06 PM |
| उद्वेग | 02:06 PM – 03:51 PM |
| चर | 03:51 PM – 05:35 PM |
| लाभ | 05:35 PM – 07:20 PM |
रात का चौघड़िया
| उद्वेग | 07:20 PM – 08:35 PM |
| शुभ | 08:35 PM – 09:51 PM |
| अमृत | 09:51 PM – 11:06 PM |
| चर | 11:06 PM – 12:21 AM (अगले दिन) |
| रोग | 12:21 AM (अगले दिन) – 01:37 AM (अगले दिन) |
| काल | 01:37 AM (अगले दिन) – 02:52 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 02:52 AM (अगले दिन) – 04:07 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 04:07 AM (अगले दिन) – 05:23 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | त्रयोदशी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 03:21 AM (अगले दिन), फिर चतुर्दशी |
| नक्षत्र | विशाखा — समाप्त 07:44 PM, फिर अनुराधा |
| योग | शिव — समाप्त 06:09 AM, फिर सिद्ध |
| करण | कौलव — समाप्त 02:53 PM, फिर तैतिल |
| वार | बुधवार |
सूर्योदय05:23 AM
सूर्यास्त07:20 PM
चंद्र राशितुला
सूर्य राशिमिथुन
मास (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ
मास (अमांत)ज्येष्ठ
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:53 AM – 12:49 PM (बुधवार को वर्जित) |
| राहु काल | 12:21 PM – 02:06 PM |
| यमगंड | 07:07 AM – 08:52 AM |
| गुलिक काल | 10:37 AM – 12:21 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
आने वाले व्रत
| 18 जून | पूर्णिमा |
| 30 जून | एकादशी (कृष्ण) |
| 4 जुल | अमावस्या |
| 14 जुल | एकादशी (शुक्ल) |
| 18 जुल | पूर्णिमा |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.